Sagar- 10th day of passenger bus strike, silence of administration and public representatives, letter written to Chief Minister
सागर में यात्री बस हड़ताल का आज 10 वा दिन है, यात्री बस नहीं चलने की वजह से हजारों मुसाफिर परेशान हो रहे हैं दोगुना तीन गुना किराया देकर अपना सफर कर रहे हैं लेकिन ना तो प्रशासन इस पर कुछ कहने को तैयार है और जनप्रतिनिधियों ने भी चुप्पी साध ली है इसके बाद बस ऑपरेटर्स यूनियन के लोगों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को ईमेल के माध्यम से इस संबंध में जानकारी भेजी है और उन्होंने कहा है कि जनहित की मांग को देखकर आप इसमें हस्तक्षेप करें, बस हड़ताल में 549 यात्री बसों के पहिए थमे हुए हैं इन बसों में रोजाना 20 से 25000 यात्री सफर करते थे. इसमें सागर के अलावा छतरपुर टीकमगढ़ पन्ना दमोह कटनी जबलपुर ग्वालियर इंदौर भोपाल नागपुर इंदौर झांसी लखनऊ प्रयागराज दिल्ली तक रोजाना चलने वाली यात्री बसें प्रभावित है.
यूनियन के संरक्षक ने बताया कि करोड़ों की लागत से शहर से इतनी दूर बस स्टैंड बना दिया जा तो ना यात्रियों की सुरक्षा की व्यवस्था है ना ही महिलाओं की सुरक्षा है आज पूरा शहर बस हड़ताल को समर्थन कर रहा है 100 साल पुराना यह बस स्टैंड है यहीं से यात्री बसों का संचालन किया जाना चाहिए कोई भी यात्री कहीं से आए उसके लिए सभी जगह पास पड़ती हैं और बेहद मामूली किराए में वह इधर से उधर पहुंच जाता है लेकिन न्यू बस स्टैंड के शहर के अंतिम छोर पर पहुंचने की वजह से आने जाने वाले कर्मचारी स्टूडेंट व्यापारी वर्ग सभी लोग परेशान हैं