The prisoners health deteriorated in Rahli Upjail of Sagar district and then he was admitted to the hospital, family members said...
सागर के रहली उपजेल में मारपीट के मामले में बंद बंदी की तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रबंधन ने उसे तत्काल रहली स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। मृतक बंदी के परिवार वालों ने जेल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मौत होने के बाद भी परिवार वालों को जेल से सूचना नहीं दी गई है।
जानकारी के अनुसार लीलाधर मिश्रा उम्र 45 साल निवासी मोकला पिछले करीब 5 महीनों से मारपीट के मामले में रहली उपजेल में बंद थे। मंगलवार सुबह करीब 5.30 बजे उनके सीने में दर्द उठा। तबीयत बिगड़ी। हालत बिगड़ने पर जेल प्रबंधन ने बंदी लीलाधर को रहली अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां उपचार के दौरान बंदी की मौत हो गई। घटनाक्रम की सूचना मिलते ही मृतक के परिवार वाले अस्पताल पहुंच गए। जहां उन्होंने जेल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि लीलाधर की मौत हो गई। लेकिन परिवार वालों को जेल से कोई सूचना नहीं दी गई। मृतक के भाई मुन्ना मिश्रा ने बताया कि 5 महीने से लीलाधर जेल में बंद थे। उनकी जमानत लगाई जा रही थी।
लेकिन आज सूचना मिली की वह खत्म हो गए हैं। परिवार वालों ने लीलाधर की मौत को संदेहास्पद बताया है। मामले में रहली पुलिस ने शव का पंचनामा बनाया पोस्टमार्टम कराया है। पीएम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहली के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर बसंत नेमा ने बताया उपजेल रहली से बंदी लीलाधर को अस्पताल लाया गया था।
जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। प्राथमिक जांच में बंदी की मौत का कारण हार्ट अटैक लग रहा है। हालांकि पीएम रिपोर्ट के बाद मौत का असल कारण सामने आ सकेगा। उपजेल रहली के प्रभारी जेलर राजेंद्र यादव ने बताया कि बंदी लीलाधर की उपजेल में तबीयत बिगड़ी थी। उसे सीने में दर्द उठा था। जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बंदी की मौत हो गई। मामले में जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होगा।