Got his wife married three times in two years, husband used to call himself brother, then called him back and looked for a new boy.
पत्नी की दो साल में तीन शादियां करवाईं ,खुद को भाई बताता था पति फिर वापस बुलवा लेता, नया लड़का खोजता
लुटेरी दुल्हन के आपने कई किस्से सुने होंगे, लेकिन एमपी के खरगोन की ये कहानी जरा हटकर है। इस कहानी में पति अपनी ही पत्नी की रुपयों के लिए शादी करवाता, कुछ दिन ससुराल में रहने देता, फिर किसी बहाने से वापस ले आता।अब तक वह पत्नी की 3 नकली शादी करवा चुका है। हैरान करने वाली बात यह है कि वह भाई बनकर लड़के वालों से मिलता था। पुलिस ने पत्नी को जेल भेज दिया है, जबकि आरोपी पति को रिमांड पर लिया है।
आरोपी ने पत्नी और गैंग के साथ मिलकर मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान और महाराष्ट्र में लोगों से ठगी की है। ताजा मामला राजस्थान के टोकर में 2 लाख में नकली शादी करने का है। इसी मामले में कपल पुलिस की गिरफ्त में आए हैं। थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने बताया कि बिटनेरा की रहने वाली ममताबाई ने बेटी दीपिका की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। उसने बताया- बेटी पति निखिल सावले के साथ रहती थी। वह 15 जुलाई से गायब है,
वह घर से बिना बताए कहीं चली गई है। मां ममता बाई ने साथ आए दामाद पर ही मौका पाकर पुलिस के समक्ष शंका जाहिर कर दी। उसने बताया कि उसे शक है कि पति निखिल ने ही बेटी को राजस्थान में कहीं बेच दिया है। पुलिस ने पति पर नजर रखी। उसका व्यवहार संदिग्ध लगा तो उसे 20 जुलाई को हिरासत में लिया और पूछताछ की। इसके बाद 21 जुलाई को दीपिका पति की बताई जगह पर मिल गई। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो चौंकाने वाली कहानी सामने आई।
गोगावा क्षेत्र के बिटनेरा की रहने वाली दीपिका ने पुलिस को बताया कि 2 साल पहले उसकी शादी मोंगरगांव के निखिल सावले से हुई थी। निखिल शिक्षित और आर्थिक रूप से ठीक है। पति के घर पर सब काम-धंधे में लगे हुए थे, लेकिन वह कोई काम नहीं करता था। वह गांव में कभी-कभी छोटे-मोटे काम कर लिया करता था। कुछ समय बाद रोजगार की तलाश में हम दोनों गांव से शहर आ गए। यहां भी कुछ काम नहीं मिला तो घर चलाने में दिक्कत होने लगी।
इसी समय पति की पहचान लुटेरी गैंग चलाने वाले रोहित सोलंकी निवासी रहीमपुरा और कुछ अन्य लोगों से हुई। ये सब शॉर्टकट से कमाई करने वालों में से थे। इन लोगों ने पति को पहले गैंग में शामिल किया। पति के कहने पर मैं भी गैंग में शामिल हो गई। पहली बार जब नकली शादी की और बचकर आसानी से निकल आई तो हमारे हौंसले बढ़ गए। इसके बाद हमारी गैंग शिकार की तलाश में जुट गई। दो साल में एक असली और तीन नकली शादी कर चुकी हूं।
दीपिका ने पुलिस को बताया कि पति निखिल सावले ने अपने चार साथियों रोहित सोलंकी निवासी रहीमपुरा, एडू मामा निवासी गांधीनगर, सकुबाई निवासी रहीमपुरा, निर्मल आर्य निवासी गुजारी के साथ मिलकर पूरी प्लानिंग की थी। षड्यंत्र के तहत दीपक निवासी टोकर राजस्थान से 2 लाख रुपए लेकर मेरी शादी उससे करवा दी। शादी के बाद वहां से बाहर निकालने के लिए उन्होंने भाई (पति निखिल) के हादसे में घायल होने कहानी गढ़ी। इसमें से एक व्यक्ति मेरे नकली वाले ससुराल पहुंचा और अपने साथ मुझे वहां से ले आया। पत्नी को दुनिया से छिपाने के लिए निखिल ने अपनी सास से ही झूठ बोलना शुरू कर दिया। काफी दिनों तक बेटी दीपिका ने मां से संपर्क नहीं किया। इस पर उसने दामाद से बेटी के बारे में जानकारी चाही।
उसने बताया कि 15 जुलाई को बिना बताए वह कहीं चली गई, तब से उसे खोज रहा हूं। निखिल की यह बात सुनकर वह बेटी के लिए परेशान हो गई। उसे अपने दामाद पर यकीन नहीं था, इसलिए गुमशुदगी दर्ज करवाने थाने रवाना हुई। निखिल को लगा कि पुलिस उस पर शंका जाहिर नहीं करे, इसलिए वह भी सास के साथ थाने पहुंच गया। यहां सास ने गुमशुदगी दर्ज करवाई तो वह भी हां में हां करता रहा। हालांकि, इस दौरान सास ने पुलिस को बताया कि उसे शक है कि दामाद ने ही बेटी को बेचा है, पता चला है कि इसने राजस्थान में कहीं बेटी का सौदा किया है।
लुटेरी गैंग के इन दो मुख्य कड़ी के गिरफ्त में आने के बाद तस्वीर साफ हो गई। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से लुटेरी दुल्हन दीपिका को जेल भेज दिया गया। वहीं, आरोपी पति निखिल सावले का कोर्ट से रिमांड मिल गया। पूछताछ में उसने बताया कि गैंग का सरगना रोहित सोलंकी और एडू मामा हैं। ये दोनों ऐसे लोगों को खोजते थे, जिनकी शादी में दिक्कत आ रही हो। वे इन्हें शादी का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसा लेते, फिर दीपिका को कहीं अलग जगह लाकर दिखाते। लड़की के पसंद आते ही गरीब होने की बात कहकर मोल-भाव करने लगते।