Landslide occurred at Pachmarhi, the only hill station of MP, the situation became like this after heavy rains. sagar tv
एमपी के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी पर landslide हो गया, भयंकर बारिश के बाद ऐसे हुए हालात
एमपी के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ मार्ग पर लैंडस्लाइड, एसटीआर पार्क प्रबंधन ने बंद की पर्यटको की आवाजाही, टूरिस्ट हुए निराश। एमपी के नर्मदापुरम जिले में शनिवार देर रात से हो रही तेज बारिश के चलते एमपी के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी की सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ मार्ग पर लैंडस्लाइड हुई। जिसके चलते बड़े-बड़े पत्थरों के टुकड़े सड़क मार्ग पर आ गए। लैंडस्लाइड के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई है। वही सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पार्क प्रबंधन ने 21 जुलाई को इस मार्ग से आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया है।
फॉरेस्ट टीम ने मौके पर पहुंचे पर्यटकों की सुरक्षा के लिए यातायात को रोक दिया है। सर्कुलर टाइगर रिजर्व पार्क प्रबंधन ने इसकी सूचना भी जारी कर दी है। रेस्क्यू टीम मौके पर है मार्ग को क्लियर करने में जुट गई है। अचानक मार्ग बंद होने से पर्यटक निराश दिखे। आपको बता दें कि एमपी के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशन पचमढ़ी का धूपगढ़ पर्यटकों के भ्रमण का अहम पॉइंट है। धूपगढ़ मार्ग बंद होने की खबर मिलने पर पर्यटकों में निराशा देखी गई। लैंडस्लाइड धूपगढ़ चढ़ने के पहले नागफनी पहाड़ी के पास हुई है बड़े पत्थर सड़क पर काफी दूर तक बिखरे दिखाई दे रहे है। लैंडस्लाइड के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।लैंडस्लाइड धूपगढ़ चढ़ने के पहले नागफनी पहाड़ी के पास हुआ है.
बड़े पत्थर सड़क पर काफी दूर तक बिखरे दिखाई दे रहे हैं. डिप्टी कलेक्टर डीएन सिंह ने बताया कि वर्षा अधिक हो जाने के कारण कुछ जगहों पर धूपगढ़ के आगे नागफनी कोई जगह है, वहां पर सूचना मिली है कि वहां पर पत्थर पहाड़ से गिरे हुए हैं, जिससे रास्ता ब्लॉक होने की सूचना मिली है. अनुविभागीय अधिकारी एसडीएम को बता दिया गया है. वह बता रहे थे उन्होंने जेसीबी के साथ और पीडब्ल्यूडी की पूरी टीम वहां गई है. जल्दी से जल्दी रास्ता खुलवा दिया जाएगा. नर्मदापुरम में रविवार की अलसुबह सीजन की पहली जोरदार बारिश देखने को मिली.
सुबह करीब 5 बजे बिजली की गड़गड़ाहट के साथ जोरदार बारिश हुई. 2 घंटे हुई जोरदार बारिश के बाद कई कालोनियों की सड़कों सहित मुख्य बाजार स्थित दुकानों के अंदर पानी भरा गया. शहर के कई इलाकों में सड़कों पर 3-4 फीट तक पानी देखने को मिला. कई जगहों पर सड़क पर खड़े वाहन भी डूबने लगे.