Why did the PHE SDO say on the pile of problems that even the Prime Minister is accused? , sagar tv news |
समस्याओं के अंबार पर PHE SDO क्यों बोले की आरोप तो प्रधानमंत्री पर भी लगते हैं।
ग्रामीण भारत में हर घर में नल से पानी पहुंचाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट, जल जीवन मिशन, 15 अगस्त 2019 को घोषित किया गया था। इस मिशन का उद्देश्य अच्छा था, लेकिन इसके जमीन पर उतरने और नीतियों के क्रियान्वयन में कई समस्याएं सामने आई हैं। रायसेन जिले के नल जल योजना के तहत कुछ स्थानों पर काम जारी है, जबकि कई जगहों पर काम बंद पड़ा हुआ है। कई गांवों में योजनाएं आधी-अधूरी छोड़ दी गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप लाखों रुपए खर्च कर बनाई गई सड़कों को खोदा गया, जो अब बदहाल स्थिति में हैं।
ऐसा ही मामला एमपी के रायसेन जिले के बेगमगंज तहसील के ग्राम पंचायत घोघरी से सामने आया है, जहां ग्रामीणों को बरसात के मौसम में न केवल आवागमन में समस्याएं हो रही हैं, बल्कि वे आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। वही पाइप लाइन को खोदी गई नाली में कीचड़ और गंदा पानी रुकने से ग्राम में बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर जब हमारे रिपोर्टर द्वारा घोघरी गांव पहुंचे और नल-जल योजना की वास्तविक स्थिति का पता लगाया, तो स्थिति और भी चौकाने वाली निकली। ग्रामवासियों ने बताया कि सरकार जल जीवन मिशन को धरातल पर लाने का प्रयास कर रही है, लेकिन इससे उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। मुख्य मार्ग से लेकर गांवों की सड़कें पूरी तरह से खुदी पड़ी हैं। ठेकेदार न तो इन सड़कों की मरम्मत कर रहे हैं और न ही उनका पुनर्निर्माण कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि जल संग्रह को बनी टंकी का निर्माण घटिया तरीके से किया गया है और टंकी टेढ़ी बनी हुई है। जिससे यह टंकी कभी भी धराशाई हो सकती हैं। रहवासी क्षेत्र में होने से इस से बड़ी हानि की आशंका बनी हुई हैं। ठेकेदार से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम जल्द से जल्द नल-जल योजना को चालू करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, जब पीएचई के बेगमगंज एसडीओ से फोन पर बात की गई और ग्रामीणों द्वारा टंकी के घटिया निर्माण और टेढ़ी टंकी के निर्माण के आरोपों के बारे में बताया गया, तो एसडीओ राजेश शर्मा अपनी पीएम से तुलना करते हुए जवाब दिया कि आरोप तो प्रधानमंत्री पर भी लगते हैं, लेकिन आरोपों से कुछ नहीं होता।अब देखना होगा कि इस गंभीर समस्या को लेकर कितना सजक होते है।