Gopal Bhargava may return to the cabinet, murmur of third cabinet expansion intensifies
अमरवाड़ा उपचुनाव में भाजपा की जीत के बाद मोहन सरकार में तीसरे मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट भी तेज हो गई है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने कमलेश शाह से मंत्री बनाने का कमिटमेंट किया था इस बार के मंत्रिमंडल में कई सीनियर लीडर को भी जगह मिल सकती है, दिन में बुंदेलखंड से गोपाल भार्गव भूपेंद्र सिंह बृजेंद्र प्रताप सिंह के नाम शामिल हो सकते हैं
इसके साथ ही लोकसभा चुनाव से पहले जातीय समीकरण साधने के लिए जिन विधायकों को मंत्री बनाया गया था, इनमें से कुछ को सरकार में कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। उन्हें बड़े निगम-मंडल की कमान देने पर विचार चल रहा है। ऐसे में नई जिम्मेदारी मिलने पर उन्हें मंत्री का दर्जा भी दिया जाएगा।
इस फॉर्मूले के कारण जो सीनियर विधायक मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए गए थे, उनकी वापसी भी हो सकती है। कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं।
मोहन मंत्रिमंडल के विस्तार के संकेत इसलिए भी हैं, क्योंकि 8 जुलाई को कैबिनेट के दूसरे विस्तार में कांग्रेस से भाजपा में आए रामनिवास रावत को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। उन्हें अब तक किसी विभाग की जिम्मेदारी नहीं सौंपी है।
रावत के मंत्री बनने के बाद मोहन कैबिनेट में 3 पद खाली हैं, जिन्हें भरा जाना है। यानी शाह के साथ 2 और विधायक मंत्री बन सकते हैं।
रहली से विधायक गोपाल भार्गव मौजूदा विधानसभा के सबसे वरिष्ठ विधायक हैं। उन्होंने 2023 विधानसभा चुनाव में लगातार 9वां चुनाव जीता है। भार्गव 1985 से रहली विधानसभा से चुनाव लड़ते और जीतते आ रहे हैं। 2003 में पहली बार उमा भारती मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने थे। 2018 में कमलनाथ सरकार सत्ता में आई तो उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। 2020 में जब शिवराज सरकार ने वापसी की तो उनके साथ शपथ लेने वाले 5 मंत्रियों में भार्गव शामिल नहीं थे, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें शामिल किया किया गया। इस बार डॉ. मोहन सरकार के मंत्रिमंडल में उन्हें जगह नहीं मिली। अब उनकी वापसी के संकेत मिल रहे हैं।