After the construction of Sagar wall, nearby people will be worried, the height of the cement-concrete wall will be up to 6 feet.
Sagar-दीवार बनने के बाद आसपास के लोग होंगे परेशान,सीमेंट-कांक्रीट दीवार की ऊंचाई 6 फीट तक रहेगी
एमपी के सागर जिले के बीना में पशुओं के चलते होने वाले हादसों और आम लोगों के आवागमन को रोकने के लिए बीना-कटनी रेलवे खंड पर स्थित खुरई गेट के दोनों तरफ सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। रेल की पटरियों पर पशुओं के चलते होने वाले हादसों और आम लोगों के आवागमन को रोकने के लिए रेलवे रेल लाइन के किनारे निधारित दूरी पर विशेष सुरक्षा दीवार खड़ी कर रहा है। ये दीवारें रेलवे फाटक, रहवासी व ग्रामीण क्षेत्रों विशेषकर जहां लोग पटरियां क्रॉस करते हैं या पशओं का भी आवागमन ज्यादा होता है वहां बना रहे हैं।
बीना के खुरई रेलवे गेट पर ओवरब्रिज बनने के बाद अब भविष्य में ज्यादा संख्या में मालगाड़ी व यात्री गाड़ियों का आवागमन बढ़ने के साथ तेज रप्तार वाली गाडियां भी चलेगी। चंद्रशेखर वार्ड में रहने वाले संतराम अहिरवार ने बताया कि ओवरब्रिज बनने के बाद रेलवे गेट को बंद कर दिया गया तो हम सभी लोग पैदल रेल पटरियां पार करके शहर में चले जाते थे। अब दीवार बनने के बाद परेशानी बढ़ जाएगी। दीवार बनने के बाद अब वार्ड के लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। दरअसल रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनने के बाद रेलवे द्वारा गेट को बंद कर दिया जाता है। खुरई गेट पर ओवरब्रिज बनने के बाद रेलवे ने गेट को पूरी तरीके से बंद कर दिया है।
अब रेलवे चिह्रित स्थानों पर रेलवे लाइन के दोनों तरफ या एक तरफ विशेष तरह की सेफ्टी वॉल का निर्माण कर रही है। पहले इस प्रकार की सेफ्टी वॉल नहीं होती थी, यदि कहीं होती भी तो तार फॅसिंग देखने को मिलती थी। तेज गति से चलने वाली वंदे भारत जैसी कई ट्रेनों से पशुओं के टकराने की घटनाओं के बाद रेलवे ने इस प्रकार का निर्णय लिया था। रेलवे के अनुसार सीमेंट-कांक्रीट(सीसी) की मजबूत दीवार बनाई जा रही है। इसकी ऊंचाई 6 फीट तक रखी जा रही है। इसकी लंबाई 150 मीटर रहेगी। दीवारों के बीच किसी भी प्रकार का गैप नहीं रखा जा रहा है। डिजाइन भी इस प्रकार से किया जा रहा है कि पानी निकासी में भी दिक्कत नहीं आएगी।
इस समय खुरई रेलवे गेट के दोनों तरफ सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है। शंकर कंस्ट्रक्शन ने दीवार निर्माण का कार्य लिया है। लेकिन पेटी कॉन्टैक्टर द्वारा दीवार बनाई जा रही है। दीवार का निर्माण कर रहे मजदूर बिना सुरक्षा उपकरण के काम कर रहे हैं। साथ ही नाबालिगों से भी काम कराया जा रहा है। पेटी कॉन्टैक्टर देशबन्धु बड़कुल ने बताया कि रेलवे गेट पर बनाई जा रही सुरक्षा दीवार में किसी भी नाबालिग मजदूर से काम नहीं कराया जा रहा है। जबकि नाबालिग मजदूर काम करते हुए कैमरे में कैद हुए हैं।