River overflowed due to heavy rains, crops washed away in flood, nine villages affected. sagar tv news |
एमपी के सिवनी के बादलार क्षेत्र में हुई तेज बारिश से नेवरी नदी में बाढ़ आ गई। जिसमें बहकर कई गांवों के खेतों में लगी मक्का सहित दूसरी फसलें बर्बाद हो गईं। किसानों ने क्षतिग्रस्त फसलों के मुआवजे की मांग की है। वर्षा से पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन अवरूद्ध हो रहा है, जिससे गांव के विद्यार्थियों को भारी परेशानी हो रही है। लगातार हो रही तेज बारिश से नेवरी नदी में 10 बाढ़ आ गई। आदिवासी बाहुल्य कुरई के बादलार क्षेत्र में बहने वाली नदी खेतों में लगी फसलों को अपने साथ बहा ले गई।
क्षेत्र के करीब 9 गांव के 700 एकड़ से अधिक रकबे में लगी मक्का सहित दूसरी फसलों के बर्बाद होने की बात किसानों द्वारा कही जा रही है। फसलों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने पर कुरई तहसीलदार शशांक मेश्राम ने प्रभावित नौ गांव का दौरा कर पटवारी, कृषि और पंचायत विभाग के मैदानी अमले को संयुक्त रूप से प्रभावित गांव का दौरा कर विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ प्रभावित कोटकसा समेत अन्य गांव के किसानों ने क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा देने जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर संस्कृति जैन को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
हालाकि वर्षा थमने के बाद देर शाम तक नदी में बाढ़ का पानी तेजी से घटने लगा। किसानों का कहना है कि चार से पांच घंटे की वर्षा के कारण नेवरी नदी में आई बाढ़ ने खेतों में तबाही मचा दी। नदी किनारे लगे खेतों में बाढ़ का पानी बहने लगा, जो अपने साथ फसलों को बहा ले गया। नदी के रौद्र रूप धारण करने से फसलों को भारी क्षति हुई है। किसानों के अनुसार क्षेत्र के 9 गांव की करीब सात सौ एकड़ रकबे में लगी फसल बाढ़ से प्रभावित हुई है। बाढ़ से चौपट फसलों का शत-प्रतिशत मुआवजा दिलाये जाने की मांग को कुरई तहसील अंतर्गत कोटकसा सहित अन्य प्रभावित गांव के किसानों ने अधिकारियों से की है।
कुछ घंटों की तेज वर्षा से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बाधित हो रहा है। तीन घंटे की तेज वर्षा में जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर चांवड़ी से भंडारपुर गांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर चार दशक पहले बनी पुलिया का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से इस मार्ग से विद्यार्थियों, किसानों व आम नागरिकों का आवागमन अवरूद्ध हो गया है। पुलिया से आवागमन बंद होने से सबसे ज्यादा समस्या का सामना विद्यार्थियों को करना पड़ रहा है क्योंकि भंडारपुर समेत आसपास अन्य गांव के करीब 100 से 150 विद्यार्थी प्रतिदिन इस मार्ग की पुलिया को पार कर चांवड़ी हायर सेकंडरी जाना-आना करते हैं।
हालांकि पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की सूचना आपदा प्रबंधन के लिए बने कंट्रोल रूम में दर्ज नहीं कराई गई है। भंडारपुर ग्राम पंचायत के सरपंच पुरूषोत्तम सनोड़िया ने संवेदनशीलता दिखाते हुए क्षतिग्रस्त पुलिया में वाहन चालकों की सुरक्षा को देखते हुए दोनों किनारों पर बबूल के कांटों की झाड़िया लगाकर पुलिया आवागमन का मार्ग बंद कर दिया है।