The first solar power plant was installed on 40 acres of land in Sagar, this arrangement will be in place in the solar power plant.
सागर जिले की बीना रिफाइनरी (बीपीसीएल) ने भांकरई गांव के पास 40 एकड़ भूमि में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया है। इस सौर उर्जा संयंत्र से 14 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। यह बीना क्षेत्र का सबसे अधिक क्षमता वाला पहला संयंत्र है। इस संयंत्र से रिफाइनरी में कुल खपत की करीब 15 प्रतिशत बिजली मिलेगी। सौर उर्जा को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने के लिए अब सरकार भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए प्रयास कर रही है। जहां बीना में सबसे पहले रेलवे ने सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की पहल शुरू की थी तो वहीं अब बीना रिफाइनरी (बीपीसीएल) ने इसकी शुरुआत की है। बीपीसीएल ने 40 एकड़ जमीन पर यह संयंत्र तैयार कराया है
और तेजी से काम करते हुए कुछ माह में ही इसका कार्य पूरा कर बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। इस संयंत्र से रिफाइनरी में कुल खपत की करीब 15 प्रतिशत बिजली मिलेगी, जिससे करोड़ों रुपए की बचत होगी। इसके पूर्व रिफाइनरी प्रबंधन द्वारा रिफाइनरी प्लांट के अंदर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया था, जिसमें चार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए यह संयंत्र तैयार किए जा रहे हैं। भविष्य में इससे अधिक क्षमता वाला संयंत्र भी तैयार किया जा सकता है। बीना रिफाइनरी (बीपीसीएल) ने भांकरई गांव के पास 40 एकड़ जमीन में सौर उर्जा संयंत्र लगाया गया है। इस प्लांट की क्षमता 14 मेगावाट है। प्लांट में 33 हजार 348 सोलर पैनल लगाए गए हैं। इसकी सुरक्षा के लिए 2 कंट्रोल रूम और 6 सुरक्षा केबिन बनाए गए हैं।
बीना में सबसे पहले रेलवे ने सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की शुरुआत की थी और यहां 1.7 मोगावाट की क्षमता वाला प्लांट तीन साल पहले शुरू हो चुका है। इस प्लांट से बिजली की सप्लाई ओएचइ लाइन में की जाती है, जिससे ट्रेन के इंजन दौड़ते हैं। रेलवे आगे इसका विस्तार कर सकती है, क्योंकि पश्चिमी कॉलोनी में भूमि खाली पड़ी हुई है।