The family members of the youth accused of transporting liquor made big allegations against the police, TI said the allegations are baseless
आबकारी के मामले में सागर जिले की बांदरी पुलिस ने एक युवक को दो दिन पहले गिरफ्तार किया था। मंगलवार को युवक के परिजनों ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया। परिजनों ने खुरई न्यायालय में युवक का मेडिकल करने की मांग की है। वहीं थाना प्रभारी ने आरोप को झूठा बताया। युवक के परिजन वीरेंद्र यादव ने बताया कि उनके जीजा श्याम पिता राजाभाई यादव (29) निवासी सेमरा गुरू 6 जुलाई की रात को अपने घर से अकाई गांव एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
वीरेंद्र ने आराेप लगाया कि इस दौरान रास्ते में बांदरी थाना प्रभारी ने उन्हें रोककर अपने पुलिस वाहन में बैठाया और थाने ले गए। जहां आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। परिजनों ने बांदरी पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि दो दिनों तक युवक के साथ लगातार मारपीट की गई। जिसकी वजह से युवक का एक हाथ और एक पैर फैक्चर हो गया। युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। साथ ही अंदरूनी चोट भी आई हैं। परिजनों ने आराेप लगाया कि जब वह उससे बांदरी थाने मिलने गए तो कहा गया कि युवक थाने में नहीं है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि अभियुक्त श्याम यादव का रजवांस की शराब दुकान के कर्मचारी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद को लेकर शराब दुकान के कर्मचारी ने पुलिस से मिलकर यह कार्रवाई कराई है। परिजनों ने वकील के माध्यम से न्यायालय में आवेदन देकर मेडिकल कराए जाने की मांग की थी। न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को अभियुक्त का सिविल अस्पताल में ऐक्स रे करवाया गया है। बांदरी थाना प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि आरोपी को आबकारी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के पहले उसकी एमएलसी भी कराई गई थी। जो चोट बताई जा रही है, वह गिरफ्तारी के पहले की हैं। आरोपी के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है। जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह सभी झूठे हैं।