Sagar-People of Mehar village, troubled by vomiting and diarrhea, blocked the highway after inspection by officers.
Sagar-उल्टी-दस्त से परेशान मेहर गांव के लोगों ने अफसरों के निरीक्षण के बाद हाईवे पर किया चक्काजाम
सागर के ग्राम मेहर में डायरिया फैलने से 400 से अधिक लोग उल्टी-दस्त से ग्रसित हुए हैं। दो लोगों की मौत हो चुकी है। गांव में अभी भी उल्टी-दस्त के मरीज निकल रहे हैं। लगातार 6 दिनों से स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में डेरा जमाए हैं और लोगों का इलाज कर रही हैं। मंगलवार को नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, संभाग आयुक्त वीरेंद्र सिंह, कलेक्टर दीपक आर्य ने टीम के साथ गांव का निरीक्षण किया। मरीजों और गांव के हालातों की जानकारी ली।
निरीक्षण कर अफसर लौट आए। इसी बीच उल्टी-दस्त से ग्रसित मरीजों के परिवार वालों ने आक्रोशित होकर सागर-मालथौन हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। हाईवे पर पत्थर रखकर वाहनों को रोका। महिला और पुरुष बड़ी संख्या में सड़क जमा हो गए। सूचना पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और लोगों को समझाइश देकर शांत कराने के प्रयास शुरू किए। समझाइश के दौरान पुलिस अधिकारियों से महिलाओं ने कहा कि गांव में उल्टी-दस्त से लगातार लोग बीमार पड़ रहे हैं। लोग मर रहे हैं। लेकिन कोई स्थाई समाधान नहीं हो रहा है। उल्टी-दस्त का सही कारण भी नहीं बताया जा रहा है। उन्होंने गांव के पास में बनी शराब फैक्ट्री की जांच कराकर बंद कराने की भी बात कही।
दरअसल, सागर के मेहर गांव में बुधवार से लोग उल्टी-दस्त से ग्रसित है। गुरुवार को अचानक गांव के 250 से अधिक लोग उल्टी-दस्त के कारण अस्पतालों में भर्ती हुए। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जांच शुरू की। गांव के ट्यूबवेल को बंद कराया गया। पानी के सैंपल लेकर जांच कराई गई। जांच में पानी सही पाया गया। वहीं अस्पताल की लैब में एक मरीज में डायरिया की पुष्टि हुई है। शेष मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वर्तमान में गांव में 400 से अधिक लोग उल्टी-दस्त के शिकार हो चुके हैं। जिसको लेकर गांव के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि प्रशासन ठीक से मामले की जांच नहीं कर रहा है।