MP | Watch the story of 30 year old Sohan, a Naxalite with a reward of Rs 14 lakh.
MP | 14 लाख के इनामी नक्सली, 30 साल के सोहन की कहानी देखिये
8 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे का समय। बालाघाट जिले में एमपी-छत्तीसगढ़ की बॉर्डर पर कोठियाटोला के जंगल में अचानक गोलियों की आवाज गूंजने लगी। सूचना थी कि यहां कुछ नक्सलियों का मूवमेंट है। हॉक फोर्स की टीम ने स्पेशल ऑपरेशन चलाया और नक्सलियों को घेर लिया। दोनों ओर से फायरिंग होने लगी। करीब एक घंटे बाद फिर सन्नाटा पसर गया। सर्चिंग शुरू हुई तो एक लाश मिली। ये लाश थी 14 लाख रुपए के इनामी नक्सली उकास सोहन की। उम्र सिर्फ 30 साल थी, लेकिन खौफ तीन राज्यों में था।
बालाघाट एसपी समीर सौरभ ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब तक नक्सली कूकर बम का इस्तेमाल करते रहे हैं। सोहन आईईडी ब्लास्ट का एक्सपर्ट था। अगर जिंदा होता तो एमपी के लिए खतरा बढ़ जाता। बालाघाट जिले के हट्टा थाना क्षेत्र के कोठियाटोला के जंगल में पुलिस को जीआरबी और केबी डिवीजन के नक्सली समूह के सिविल कपड़ों में राशन, पानी के लिए आने की सूचना मिली थी। 10 से 12 संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देने पर जब हॉक फोर्स ने उन्हें रोका तो फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी फायरिंग में उकास सोहन मारा गया। उसके पास से 315 बोर की रायफल और केनवुड का वायरलेस सेट बरामद किया गया है। एसपी समीर सौरभ का कहना है जंगल में अब भी सर्चिंग जारी है। हमें उम्मीद है कि कुछ और नक्सली या तो मरे हैं या घायल हैं। हॉक फोर्स की टीम के साथ डीआईजी मुकेश कुमार श्रीवास्तव और एसपी समीर सौरभ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनकाउंटर की जानकारी दी।
तीन राज्यों की पुलिस को थी सोहन की तलाश डीआईजी मुकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सोहन को तीन राज्यों की पुलिस तलाश रही थी। मध्यप्रदेश में उस पर 3 लाख रुपए का इनाम था जो सबसे कम था। छत्तीसगढ़ में 5 लाख रुपए और महाराष्ट्र में तो 6 लाख रुपए तक का इनाम उसके ऊपर था। इन तीनों राज्यों की पुलिस को वो पिछले करीब दस साल से चकमा दे रहा था।
सोहन की उम्र अभी करीब 30 साल थी। वह छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जगरकुंडा थाना क्षेत्र के पुवर्ती गांव का रहने वाला था। 2013 में नक्सली संगठन में भर्ती हुआ। फिलहाल केबी डिवीजन का सक्रिय सदस्य था। पुलवामा और पठानकोट में आतंकियों ने आईईडी ब्लास्ट किया था। सोहन भी आईईडी ब्लास्ट का एक्सपर्ट था। आईईडी यानी इंप्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस। ये भी एक तरह का बम होता है, लेकिन ये सामान्य बम से ज्यादा सेंसेटिव होता है। मैग्नेटिक ट्रिगर, इंफ्रारेड, रिमोट या प्रेशर से भी ट्रिगर हो सकता है।
इसकी मारक क्षमता भी सामान्य बम से अधिक होती है। एसपी समीर सौरभ ने बताया कि वर्ष 2021 में पड़ोसी राज्य के गढ़चिरोली में सुरक्षाबलों और नक्सलियो के बीच हुए एनकाउंटर में कई नक्सली मारे गए थे। इस मुठभेड़ के दौरान एमएमसी जोन प्रमुख दीपक तेलतुमड़े के साथ, नक्सली उकास भी शामिल था लेकिन तब वह बचकर निकल गया। नक्सली सोहन उकास प्रदेश में मुखबिर की हत्या सहित अन्य 8 नक्सली अपराधों में शामिल रहा है।
जबकि अभी बालाघाट पुलिस महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के राज्यों से नक्सली सोहन पर दर्ज अन्य मामलों की जानकारी ले रही है। जिले में बालाघाट पुलिस को नक्सली उन्मूलन अभियान के तहत दो-सवा दो वर्षो में ऐतिहासिक कामयाबी मिली है। इस अवधि के दौरान बालाघाट पुलिस ने 7 एनकाउंटर में लगभग 3 करोड़ से ज्यादा इनाम के 13 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया है। सोहन 20 साल की उम्र में ही नक्सली संगठन से जुड़ गया था। उसकी मौत से तीन राज्यों की पुलिस ने राहत की सांस ली है।