उमा भारती बोलीं जरूरी नहीं, जिसने भाजपा को वोट नहीं दिया, वह रामभक्त नहीं
जरूरी नहीं, जो भाजपा को वोट नहीं दे, वह रामभक्त नहीं... वह भी रामभक्त है। यह बड़ी बात मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शिवपुरी में कही। शनिवार को ग्वालियर से भोपाल जाते समय वे शिवपुरी में भाजपा नेताओं से मिलीं। उन्होंने मीडिया से भी चर्चा की। रामभक्त भाजपा को वोट देगा, ऐसा अहंकार हमें नहीं पालना चाहिए - उमा भारती पूर्व सीएम ने यूपी में लोकसभा में भाजपा को आईं कम सीटों पर चिंता जाहिर की। बोलीं- यूपी में निश्चित रूप से सीटें कम हुई हैं। इसमें भी भाजपा समीक्षा करेगी। वह भी इस मामले में अपना मत देगीं। उन्होंने कहा कि पहले हिंदू समाज का मन समझना होगा।
हिन्दू समाज, समाज व्यवस्था और धर्म व्यवस्था को एक नहीं करता है। उधर, इस्लामिक समाज है जो समाज व्यवस्था और धर्म व्यवस्था को एक करके चलता है। उसी हिसाब से अपना वोट देता है, लेकिन हिन्दू समाज सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप वोट देता है। हालांकि इससे हिन्दुओं की रामभक्ति कम हो गई या वो रामभक्त नहीं हैं, ऐसा बिल्कुल नहीं है, वे भी राम भक्त हैं, जिन्होंने भाजपा को वोट नहीं दिया। वो रामभक्त तो हैं, लेकिन किसी कारणवश वोट भाजपा को नहीं देना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने भाजपा को वोट नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हर रामभक्त भाजपा को वोट देगा, ऐसा अहंकार हमें नहीं पालना चाहिए। जो भाजपा को वोट नहीं देता वो राम भक्त नहीं है, यह शंका भी हमें नहीं पालनी चाहिए। उत्तरप्रदेश में सामजिक व्यवस्था अलग है। यूपी में कुछ अनदेखी हुई है, इसका परिणाम चुनावों में देखने को मिला है।
2024 लोकसभा के परिणाम और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सीटें कम होने पर उमा भारती ने कहा कि चुनावी परिणामों पर मोदी-योगी पर ब्लेम करना ठीक नहीं है। 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने के बाद भी भाजपा हार गई थी। इसके बावजूद हमने अयोध्या में राम लला के मंदिर को अपने एजेंडे से बाहर नहीं किया था। हमारे हर चुनाव में अयोध्या रही थी। हमने कभी अयोध्या को वोट से नहीं जोड़ा, इसी तरह अब हम मथुरा-काशी को भी वोट से नहीं जोड़ रहे हैं। मथुरा-काशी हमारे हृदय से जुड़े हैं। 2024 लोकसभा में 400 सीट नहीं मिलने पर पूर्व सीएम ने कहा कि उनकी इच्छा 500 पार की थी, लेकिन भगवान हर इच्छा पूरी नहीं करता हैं। इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आप को प्रधान सेवक कहा था। हम सबने अपने आप को मोदी का परिवार कहा था।
इसके बावजूद मंशा अनुरूप सीटें नहीं आईं, इसकी समीक्षा भाजपा करेगी। क्योंकि मैं समीक्षा करने वाली टीम में शामिल नहीं हूं। 400 की जगह 240 सीटें आने का कारण राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा ही बता पाएंगे। केंद्र में बिहार के सीएम नीतीश यादव और आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू के सहयोग से बनी सरकार पर पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा कि केंद्र में सरकार चलाने में कोई परेशानी नहीं आने वाली है। नीतीश कुमार हमारे पहले से साथ रहे हैं और चंद्रबाबू नायडू भी पिछले समय में भी हमारे साथी थे। वह अटल जी के समय से हमारे साथ रहे हैं। यह कोई विजातीय तत्व नहीं है। उन्होंने पहले भी साथ काम किया है, अब भी कर रहे हैं। हम चले थे, मिलकर साथ चलेंगे। एमपी में लोकसभा चुनाव में भाजपा को 29 सीटें मिलने पर पूर्व सीएम ने कहा कि जबसे मध्यप्रदेश बना है, तबसे पहली बार हुआ है कि मोहन सरकार में भाजपा ने 29 में से 29 सीटें जीती हैं। इससे पहले जब वह सीएम थीं, तब सबसे ज्यादा 29 में से 25 सीटें जीती थीं। तबसे जीत का आंकड़ा बढ़ता ही गया और इस बार मोहन यादव प्रगति की ओर ले गए। इस बार 29 में से 29 सीटें भाजपा ने जीतीं हैं।