बारिश का पानी भरने से टूटा एयरपोर्ट का शेड,3 महीने पहले PM मोदी ने किया था लोकार्पण
जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट का शेड गुरुवार को एक अफसर की कार पर गिर गया। कार की छत पूरी तरह से चपटी हो गई। शेड गिरने से 10 मिनट पहले ही ड्राइवर कार से उतरा था। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार सुबह 11.30 बजे की है। बता दें, 450 करोड़ रुपए की लागत से डुमना एयरपोर्ट का विस्तार होने के बाद तीन महीने पहले ही पीएम मोदी ने एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया था। कार (MP 20 ZC 5496) टर्मिनल बिल्डिंग के मेन गेट के बाहर पोर्च में खड़ी थी। यहां शेड (कैनोपी टेंट) लगा हुआ है। बारिश का पानी नहीं निकल पाने से केनोपी टेंट में भार बढ़ गया।
जिससे लोहे के टेंट का हिस्सा कार पर आर गिरा। जो कार क्षतिग्रस्त हुई है वो आयकर विभाग में अटैच है। इनकम टैक्स के जॉइंट कमिश्नर को लेने के लिए ड्राइवर अभिषेक कुमार डुमना एयरपोर्ट गए थे। जॉइंट कमिश्नर कृष्ण मुरारी को इस टैक्सी में बैठकर एयरपोर्ट से रवाना होना था। इससे पहले ही हादसा हो गया। एयरपोर्ट प्रबंधन ने कार मालिक को उसकी कार ठीक करवाने की बात कही है। हालांकि इस मामले में अभी तक न तो कार मालिक ने और न ही इनकम टैक्स अधिकारी की ओर से कोई शिकायत की गई है। डुमना एयरपोर्ट के डायरेक्टर राजीव रत्न पांडे ने हादसे को लेकर जांच के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि घटना निश्चित रूप से हुई है, लेकिन यह भी समझना होगा कि जिस बिल्डिंग में ये हुआ है, हाल ही में बनी है। पहली बारिश का पानी इस बिल्डिंग को झेलना पड़ा है। जांच में देखा जा रहा है कि कहां पर टेक्निकल फॉल्ट आया है। इस बिल्डिंग के प्रोजेक्ट इंचार्ज से भी बात की जा रही है।
जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर हुए हादसे को लेकर कांग्रेस ने तंज कसा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने हादसे का वीडियो शेयर कर कहा है कि मोदी जी की गारंटी बस 3 महीने ही टिक पाई। वहीं राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने इसे जनता के पैसों की बर्बादी बताया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का कहना है कि एयरपोर्ट पर कुछ हादसा हुआ है, इसकी जानकारी लगी है। इस पूरे मामले की जांच करवाई जा रही है। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में दोबारा इस तरह की घटना न हो।
जबलपुर का डुमना एयरपोर्ट और फ्लाईओवर का नामकरण वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर होगा। 24 जून को ही रानी दुर्गावती के 461वें बलिदान दिवस पर जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी घोषणा की थी। सीएम ने कहा कि नामकरण का प्रस्ताव जल्द ही भारत सरकार को भेजा जाएगा। नई दिल्ली की कंस्ट्रक्शन कंपनी एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से मध्यप्रदेश के जबलपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन के निर्माण के लिए 165 करोड़ रुपए का ऑर्डर 2019 में मिला था, जो कि अगले 2 वर्षों में पूरा होना था। 450 करोड़ रुपए की लागत से एयरपोर्ट का विस्तार किया गया।
एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक इस कंपनी ने AIIMS राजकोट, AIIMS झारखंड, करनाल में अस्पताल, विजयवाड़ा एयरपोर्ट का न्यू टर्मिनल, सफदरजंग हॉस्पिटल के स्पोर्ट्स इन्यूरी सेंटर, गुरु गोविंद सिंह यूनिवर्सिटी नई दिल्ली की बिल्डिंग, सफदरजंग एयरपोर्ट ऑफिस की बिल्डिंग, ESIC हॉस्पिटल हाउसिंग एंड मेडिकल कॉलेज फरिदाबाद की बिल्डिंग, ESIC लखनऊ का भवन, ESIC हॉस्पिटल नोएडा की बिल्डिंग, IIT दिल्ली के इनोवेशन सेंटर की बिल्डिंग इसी कंपनी ने बनाई है।