Sagar- मंदिरो में नदियां बनाई नौका विहार पर निकले राधारानी और ठाकुर जी, मोगरा से सजे फूल बंगला
छोटी-छोटी पतली पतली गलियां, उन गलियों में प्राचीन मंदिर, मंदिरों के अंदर श्री ठाकुर जी और राधा रानी के बिहार के लिए बनाई गई नदियां, नदियों में उतारी नौका, दर्शन के लिए आई सैकड़ो श्रद्धालु यह नजारा सागर के वृंदावन कहे जाने वाले बड़े बाजार का निर्जला एकादशी की शाम को था,
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी सभी मंदिरों में भक्तिभाव से मनाई गई। सागर के मंदिरों में भी निर्जला एकादशी की धूम रही। ठाकुरजी के विशेष श्रृंगार के साथ कहीं फूल बंगला सजाया गया तो कहीं ठाकुरजी ने राधा रानी के साथ नौका विहार किया। शाम से लेकर देर रात तक यहां सभी मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही। श्री देव लक्ष्मीनारायण मंदिर, श्री देव द्वारिकाधीश मंदिर, श्री देव गेड़ाजी मंदिर, श्री देव बुलाखीचंद मंदिर, श्री देव बांके बिहारी साहू समाज मंदिर , श्री जुगल किशोर सरकार आदि में एकादशी उत्सव मनाया गया। सुबह ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक और विशेष श्रृंगार किया गया। शाम को मंदिरों की सजावट और श्री गेड़ाजी मंदिर ट्रस्ट की ओर से मंदिर के बाहर फूलों और बिजली की रोशनी से आकर्षक सजावट की गई।
श्री देव राधा माधव लाल मंदिर में ठाकुरजी ने जल विहार किया। इसके पहले ठाकुरजी का फूल बंगला सजाया गया। फिर ठाकुरजी को राधारानी के साथ नाव में विराजित किया गया। शाम से शुरू हुआ ठाकुरजी का जल विहार रात तक चलता रहा। द्वारिकाधीश मंदिर में नौका विहार के साथ राधे राधे संकीर्तन पर भक्त झूमते रहे। बुलाखीचंद मंदिर में ठाकुरजी गर्भगृह से बाहर आए और भक्तों को दर्शन दिए। नौका विहार में भक्तों ने ठाकुरजी की नाव चलाई। रात में शयन आरती की गई।