सागर- आम उगाने की खटाखट विधि, अब 3-4 साल नहीं... एक साल में तैयार होगा बाग, फल भी आने लगेंगे
आम फलों का राजा है. हर गर्मी में इसकी डिमांड सिर्फ देश में ही नहीं, विदेशों में भी खूब होती है. आम के व्यापार में अब काफी तेजी आ गई है. यही वजह है कि अब आम के बाग भी बढ़ने लगे हैं. पहले एक आम के बाग को तैयार करने में 3-4 साल का समय लगता था, लेकिन अब ऐसी विधि भी आ गई है, जिससे आम का बाग सिर्फ साल भर के अंदर ही तैयार हो जाएगा और फल भी आने लगेंगे.
अगर आप भी साल भर के अंदर आम के पौधों को पेड़ बनाकर उससे फल लेना चाहते हैं तो आपको ग्राफ्टिंग पद्धति से पौधे लगाने होंगे. वहीं, इस विधि से पौधे को लगाने का सही समय आ गया है. ग्राफ्टिंग पद्धति में आप आम की कोई भी वैरायटी लगा सकते हैं. आम के पौधे को मानसून का सीजन शुरू होते ही लगाया जाता है. साल भर उसमें उपचार किया जाता है.
बुंदेलखंड के सागर में आमों की 32 प्रजातियों का उत्पादन करने वाले युवा किसान आकाश चौरसिया ने आम की पैदावार में भी कमाल कर दिखाया है. वह बताते हैं कि जून-जुलाई में अगर आप आम का पौधा लगाते हैं तो अगस्त में जड़ मजबूत हो जाती है. फिर उनमें कलम करके ग्राफ्टिंग की जाती है, जिसके बाद 8 से 11 महीने में ही पौधा पेड़ बनकर फल देने लगता है. लेकिन, इसके लिए किसानों को कुछ उपचार करने पड़ेंगे.
सबसे पहले खेत में सामान्य पीएच की मिट्टी में 100 किलो चूना पाउडर और 50 किलो नीम पाउडर मिलाकर जुताई कर धूप लगने दें. गर्मी के समय 2 बाई 2 फीट का गड्ढा खोदकर एक गड्ढे में 250 ग्राम चूना पाउडर और 250 ग्राम नीम पाउडर छिड़ककर कम से कम 15 दिन के लिए छोड़ दें. काली और दोमट मिट्टी में 30 प्रतिशत रेत 30 प्रतिशत वर्मी कम्पोस्ट या नार्मल कम्पोस्ट और 40 प्रतिशत मिट्टी का मिश्रण बना कर गड्ढे में भरना है और फिर पौधे को गड्ढे के केंद्र में लगाना है.
आम में फूल आने से पहले आम के पेड़ में चूना 10 kg, 1 लीटर गोंद, 1 kg खड़ा नमक को 30 लीटर पानी में मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें. इससे पौधे को ज़मीन से लेकर तीन फीट की ऊंचाई तक पेंट कर दें. यह दीमक और हानिकारक जीवों से सुरक्षा प्रदान करता है.