सागर - इस साल तय समय से दो दिन पहले आएगा मानसून, जानिए कैसी होगी बारिश ?
केरल में समय से एक दिन पहले आया दक्षिण-पश्चिमी मानसून इस साल सागर पर भी मेहरबान होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिक इस साल बारिश के सारे रिकॉर्ड टूटने के आसार बता रहे हैं। बीते 10 साल में वर्ष 2019 में मानसूनी सीजन के दौरान सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। इस साल 67.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई थी। यह शहर की औसत बारिश 44.7 इंच से 22.9 इंच ज्यादा थी। इस साल आईएमडी दिल्ली ने मानसून के आगमन का जो पूर्वानुमान जारी किया है, दक्षिण-पश्चिमी मानसून उससे कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है। आईएमडी ने 10 जून तक मानसून के महाराष्ट्र पहुंचने की तारीख घोषित की थी। लेकिन मानसून महाराष्ट्र में 6-7 जून को ही पहुंच गया। 9 जून को मानसून ने महाराष्ट्र के ठाणे में दस्तक दे दी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मानसून की रफ्तार यही रही तो 15 से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में प्रवेश कर जाएगा। 20 से 21 जून के बीच सागर में मानसूनी बारिश दर्ज की जा सकती है। यह तय समय से दो दिन पहले है।
विशेषज्ञों के अनुसार स्थानीय स्तर पर इस साल मौसमी परिस्थितियां मानसून के अनुकूल हैं। राजस्थान और पश्चिमी मध्यप्रदेश में गर्मी अच्छी पड़ती है तो मानसूनी बारिश अच्छी होती है। इस साल वर्तमान में भी राजस्थान राज्य और सागर में तेज गर्मी पड़ रही है। इससे यहां मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। यह मानसूनी बादलों को अपनी ओर खींचेगा। इससे मानसून की आमद तो जल्दी होगी ही। साथ बारिश भी अच्छी होगी। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार मानसूनी सीजन की शहर की औसत बारिश 1136.4 मिमी यानी 44.7 इंच है। आईएमडी की घोषणा के अनुसार इस साल औसत से अनुमानित 106 फीसदी बारिश अधिक होने की संभावना है। लिहाजा शहर में 1204.5 मिलीमीटर यानी 68 मिलीमीटर अधिक बारिश होने की संभावना है