अक्षय बम की कॉलेज में पेपर लीक मामले में अब तक तीन गिरफ्तार,कॉलेज की मान्यता खत्म करने की मांग
इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में हुए पेपर लीक मामले में पुलिस 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। लोकसभा चुनाव के बीच कांग्रेस से बीजेपी में आए अक्षय बम के आइडिलिक कॉलेज से पेपर लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस अब कॉलेज की प्रिंसिपल से पूछताछ करेगी। सवाल खड़े हो रहे हैं कि आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर कैसे प्रिंसिपल के रूम तक पहुंच गया। प्रिंसिपल की इसमें मिलीभगत तो नहीं थी। इस बीच कॉलेज की मान्यता रद्द करने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।
छोटी ग्वालटोली थाना प्रभारी उमेश यादव ने कहा, मामले में जांच की जा रही है। आइडिलिक कॉलेज की प्रिंसिपल से भी पूछताछ करेंगे। डीएवीवी की एमबीए परीक्षा के पेपर पिछले महीने लीक हो गए थे। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने आइडिलिक कॉलेज के ऑपरेटर दीपक पिता सुरेश सोलंकी, निवासी रंगवासा रोड को गिरफ्तार किया है।
उसने कॉलेज प्रिंसिपल के रूम से पेपर के बंडल की सील लोहे के स्केल से तोड़कर पेपर निकाला और मोबाइल से फोटो खींचकर कॉलेज के एक छात्र को दो हजार रुपए में बेचा था। फिर छात्र ने इसे अपने साथी को वॉट्सऐप पर भेजा। पुलिस ने स्टूडेंट धीरेंद्र नरवरिया को पकड़ा। धीरेंद्र कॉलेज में एमबीए प्रथम वर्ष का छात्र है। उससे जानकारी मिली कि उसके पास पेपर छात्र गौरव सिंह गौर के जरिए आया था।
छात्र गौरव ने पुलिस पूछताछ में कबूला कि उसे ‘अकाउंटिंग फॉर मैनेजर्स और क्वांटिटिव टेक्निक’ विषय में एटीकेटी आई थी। इससे वह तनाव में था। दो विषयों में फर्स्ट ईयर में बैक होने के बाद उसने कॉलेज के कई बाबुओं और स्टाफ के अन्य लोगों से बात की, तब ऑपरेटर दीपक सोलंकी से संपर्क हुआ। छात्र गौरव ने आरोपी दीपक से संपर्क किया तो दीपक ने 8 हजार रुपए की मांग की। इस पर उसने 2 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए।
दीपक ने बताया कि कॉलेज प्रिंसिपल के कक्ष में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। जिस अलमारी में पेपर के बंडल रखे जाते हैं, उसकी चाबी प्रिंसिपल के ड्रॉवर में ही रहती है। शाम को स्टाफ के जाने के बाद उसने बंडल निकाला और स्केल की मदद से सील उचकाकर पेपर निकाला और फिर वापस रख दिया। आइडिलिक कॉलेज में दो साल के एमबीए विथ ग्लोबल कोर्स की फीस करीब पौने तीन लाख है, जबकि सामान्य एमबीए की फीस कॉलेज 1 लाख 30 हजार वसूल रहा है।