Sagar-हवा के झोंके में उड़ा स्मार्ट सिटी का वर्टिकल गार्डन, 3 महिलाएं अस्पताल में भर्ती
पहले बनाओ फिर मिटाओ फिर बनाओ, बनाने के लिए खुदाई करो, उसका निर्माण करो और कुछ रह गया सो फिर खुदाई करो, साहब अब आलम ये ही कि निर्माण कार्यो को ही बनकर मिटने की आदत सी हो गई है, क्योंकि जिस कार्य के पूरा हो जाने के बाद मिटाते नहीं है तो वह खुद ही मिट जाता है, शर्म से टूट जाता है, बनकर मिटने की और मिटकर बनने की ये कहानी सागर की उस स्मार्ट सिटी की है
जिसका 1200 करोड़ की लागत से विकास और सौंदर्यकरण का कार्य किया जा रहा है, घटिया निर्माण में सड़क, भवन, बिल्डिंग जैसे कार्यो के बाद अब वर्टिकल गार्डन भी इसमें शामिल हो गया है, सोमवार को नजर बाग़ के पास बनाये गए वर्टिकल गार्डन भी हवा के झोंके में टूट कर गया, यहां काम करने वाली महिला मजदूर इसकी चपेट में गई,
तीनो को अस्पताल भेजा गया इसमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, बर्टीकल गार्डन का करीब 60 फिट का हिस्सा टूट कर गिरा है, कमजोर लोहे के प्लर, घटिया सीमेंट और क्रंकीट का उपयोग इसकी वजह है, चकराघाट फर्श का भी बिना प्लानिंग के कार्य किया गया था, अब यहां के पत्थर उखाड़कर खुदाई हो रही है जगह को को समतल करने के बाद दोबारा फर्श तैयार होगा, भट्टों घाट से गणेश घाट तक का पाथवे भी दोबारा बनाया जाना है।