कलेक्टर ने हाकगंज बरंडा गेट देखा और अधिकारी कर्मचारियों को दिए निर्देश | sagar tv news |
दमोह में अंग्रेजी शासन काल में बना हाकगंज बरंडा गेट प्राइवेट कंस्ट्रक्शन का कार्य होने के चलते ध्वस्त हो गया। प्रशासन को लगभग 1 सप्ताह पूर्व प्राइवेट कंस्ट्रक्शन के चल रहे कार्य और हल्की-फुल्की गेट को क्षति पहुंचाने की जानकारी भी प्रशासन के समक्ष पास पहुंचाई गई थी। बावजूद इसके प्रशासन ने इसे गंभीरता पूर्वक नहीं लिया गया। और परिणाम स्वरूप प्रशासन ने 1886 अंग्रेजी शासन काल में बनी इस विरासत को खो दिया। हलाकि रविवार को जिला कलेक्टर हाकगंज बरंडा घटनास्थल पहुंचे। जहां पर उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर अधिकारी कर्मचारी को घटना से संबंधित सभी पहलुओं पर जांच कर विशेष दिशा निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यह इमारत दामों की ऐतिहासिक धरोहर थी। और हम पुरानी ऐतिहासिक इमारत को वापस तो नहीं ला सकते। लेकिन नवनिर्मित गेट बनाकर इसके गौरव को जरूर बचा सकते हैं। इस को लेकर मैं विशेष जिम्मेदारी से निभाऊंगा और हमारे दमोह की शान इसी जगह पर फिर से बनेगी।