Sagar- मोगरा-गुलाब के फूलों से सुसज्जित नौका में ठाकुरजी ने किया विहार, दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु
मंदिर के बीचों बीच बने कुंड में 11 नदियों का पवित्र निर्मल जल। वृंदावन से आए मोगरा और गुलाब के फूलों से सजी छोटी सी मोरनुमा नौका और उसमें मखमल युक्त आसन पर विराजे ठाकुरजी। पुजारी निताई दास ने कुंड किनारे जैसे ही रिमोट दबाया ठाकुरजी की नौका आगे बढ़ने लगी। उपस्थित भक्तों ने ठाकुरजी की जय-जयकार की।
कुछ ऐसा ही दृश्य था सागर के बड़ा बाजार स्थित श्री देव बांके राघवजी मंदिर में देखने को मिला, बुधवार शाम 7.30 शुरु हुआ नौका विहार रात 11 बजे तक चलता रहा। पुजारी निताई दास ने बताया कि वैशाख माह में ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए नौका विहार कराया जाता है। मंदिर में यह परंपरा 150 साल से चल रही हैं,
लेकिन डेढ़ सौ साल की इस परंपरा में पहली बार बड़ा बदलाव किया गया. अभी तक लकड़ी से बनी नाव होती थी. पहली बार रिमोट से चलने वाली और पतले लोहे की नौका बनाई गई, इस पर बैठकर ठाकुर जी ने श्रद्धालुओं को करीब 3 घंटे तक दर्शन दिए, सुंदर, दिव्या और भव्य नजारों को देखकर हर कोई बस उन्हें देखता ही रहा.