Sagar-जंगल के बीच सदियों पुराना खजाना ? राजा दरबार में खुदाई करने गेती फावड़े लेकर पहुँच रहे लोग
सागर जिले के देवरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिंगपुर का घना जंगल इन दिनों रहस्य, रोमांच और चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। जंगल के बीच स्थित राजा बाबा दरबार को लेकर ऐसी बातें फैल रही हैं, जिन्होंने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। कोई कह रहा है कि यहां जमीन के नीचे सोना दबा है, तो कोई दावा कर रहा है कि खुदाई में पुराने गहने, गुरिया और प्राचीन मूर्तियां मिली हैं। इन चर्चाओं ने देखते ही देखते ऐसा माहौल बना दिया कि सैकड़ों लोग गैंती-फावड़े लेकर जंगल की ओर निकल पड़े।
खजाने की तलाश में लोगों ने जंगल के कई हिस्सों में गहरे-गहरे गड्ढे खोद डाले। स्थानीय लोगों का दावा है कि खुदाई के दौरान कुछ धातु के टुकड़े, पुराने आभूषणों जैसी वस्तुएं और प्राचीन बस्ती होने के संकेत भी मिले हैं। इन्हीं दावों ने लोगों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार है—क्या वाकई जंगल की जमीन के नीचे कोई सदियों पुराना खजाना छिपा है, या फिर यह केवल अफवाहों का जाल है?
फिलहाल इस रहस्य पर से पर्दा नहीं उठा है। स्थानीय लोग भले ही सोने जैसी धातु, प्राचीन मूर्तियां और अन्य कीमती वस्तुएं मिलने का दावा कर रहे हों, लेकिन प्रशासन और पुरातत्व विभाग ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि यहां वास्तव में कोई ऐतिहासिक धरोहर मिली है या नहीं।
मामले को और गंभीर इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि यह क्षेत्र रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के जंगल में आता है, सूचना मिलते ही प्रशासन और वन विभाग हरकत में आ गया। एसडीएम मुनव्वर खान, थाना प्रभारी हरिराम मानकर और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
अब सभी की निगाहें प्रशासन और पुरातत्व विभाग की जांच पर टिकी हैं। क्या सिंगपुर का यह जंगल सचमुच किसी अनमोल ऐतिहासिक विरासत को अपने भीतर समेटे हुए है, या फिर यह रहस्य केवल अफवाहों की देन है?