आखिर कब ख़त्म होगा बिच्छू,007 और 56 गैंग का आतंक, शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल पुलिस कार्रवाई बेअसर
कभी सुकून और शांति के लिए पहचाने जाने वाला सागर शहर अब बदमाशों की गैंग के खौफ से पहचान बनाता जा रहा है , बिच्छू गैंग,007 गैंग और 56-गैंग जैसे नाम किसी फ़िल्मी या कहानियों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सरेआम जनचर्चाओं और शहर की गलियों में सुनाई देने लगे हैं।
बीते दिनों कटरा तीन मढ़िया पर जिस तरह एक गैंग ने अपना वर्चस्व दिखाने के लिए खुलेआम आतंक मचाया, उसने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया। यह कोई पहली घटना नहीं थी। इससे पहले चकराघाट, पुरव्याऊ और बड़े बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में ये गैंग्स कई वारदातों को अंजाम दे चुकी हैं। मर्डर मारपीट जबरन बसूली चोरी चाकरी लूटमार जैसी हर घटना के साथ इनके हौसले और ज्यादा बुलंद होते दिखाई दिए।
बीती रात तो हालात और भी भयावह हो गए, जब कथित 56 गैंग के एक सदस्य ने BMC क्षेत्र में चाकूबाजी की घटना को अंजाम दिया। इस हमले में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इस वारदात के बाद यह साफ हो गया कि अब ये गैंग्स किसी से डरने को तैयार नहीं हैं। सरेआम हिंसा, हथियारों का प्रदर्शन और दहशत फैलाना जैसे इनके रोज़मर्रा के हथकंडे बन चुके हैं। बस स्टैंड के पास शनिचरी शुक्रवारी इलाके में सक्रिय हो रही एक नयी गैंग के सदस्य ने एक होटल पर जमकर उत्पात मचाया था। हलाकि डर के कारण इस मामले की पुलिस में शिकायत नहीं हुई और ऐसे ही दर्जनों मामलो में पहले भी हो चुका है लोग इन गैंग्स से इतना डर में है की पुलिस से शिकायत करने से भी डरते है क्योकि वो जानते है सागर की पुलिस के क्या हाल है।
हलाकि तीन मढ़िया की घटना के बाद पुलिस हरकत में जरूर आई। कुछ कार्यवाहियां हुईं, धरपकड़ भी की गई, लेकिन सवाल अब भी कायम है—क्या यह कार्रवाई काफी है? क्योंकि हकीकत यह है कि इन बदमाशों के चेहरे पर आज भी पुलिस का डर नजर नहीं आता।जिस सागर को कभी शांति का टापू कहा जाता था, आज वही शहर डर और असुरक्षा के साये में घिरता जा रहा है। आम नागरिक सहमे हुए हैं और शहर की शांति पूरी तरह भंग होती दिखाई दे रही है। अब देखना यह है कि कानून का डंडा कब और कितनी मजबूती से इन गैंग्स की बढ़ती हनक पर लगाम लगा पाता है।