वैशाख के पहले मंगलवार को घर के बाहर बनता है खाना ,अनोखी परंपरा, कैसे मनाया जाता है बुढ़वा मंगल?
एमपी के जबलपुर के बाघोरा गांव में एक अनूठी परंपरा बरसों से चली आ रही है। वैशाख माह के पहले मंगलवार को, जिसे बुढ़वा मंगल कहा जाता है, पूरे गांव में घर के अंदर खाना नहीं बनाया जाता। इसके बजाय, लोग घर के बाहर खाना बनाते हैं। बताया जाता है कि सैकड़ों साल पहले इस गांव में किसी बीमारी का प्रकोप हुआ था। उस समय कुछ साधु संत यहां आए थे और उन्होंने वैशाख माह के पहले मंगलवार को घर के बाहर खाना बनाने की सलाह दी थी। लोगों ने उनकी बात मान ली और घर के बाहर खाना बनाया, जिससे बीमारी दूर हो गई। तब से यह परंपरा चली आ रही है।
बुढ़वा मंगल आने पर एक दिन पहले गांव का कोटवार मुनादी करता है और सभी लोगों को बताता है कि कल बुढ़वा मंगल है, इसलिए घर के अंदर खाना न बनाएं। लिहाजा, पूरे गांव के लोग घर के बाहर ही खाना बनाते हैं। सुबह और शाम दोनों समय का खाना घर के बाहर बनता है और चूल्हा नहीं जलता। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से इस परंपरा का पालन करते आ रहे हैं ताकि गांव में किसी प्रकार की बीमारी न फैले। ओमप्रकाश और रंजना पटेल जैसे ग्रामीण इस परंपरा को बहुत महत्व देते हैं और इसका पालन करते हैं।